Respect every girl

मै हूँ एक लड़की,
गर्व है मुझे मेरा....
गंदी सोच रखनेवाले समाज 
अब डर नहीं है मुझे तेरा......

कभी मै किरण बेदी,
कभी पी.टी. उषा,
तो कभी हूँ मैं कल्पना चावला......
दो कदम क्या बढाए में ने कामयाबी के,
तो समाज का पुरुष क्यों हो जाता है बावला...

मुझे कमजोर समझनेवाले 
गौर से देख अब तू......
हम भी किसीसे कम नहीं है, हमारी कामयाबी की खबरे
अखबार में पढ़ अब तू.......

हूँ मैं आज की नारी शक्ति.....
अब अत्याचार तो क्या तेरी गंदी नजर भी मै सहन नहीं कर सकती....

                                                                          ~ करण बेंडकुळे.

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